ATTENTION, ज़रूरी सूचना – हमारी रिपोर्ट प्रकाशित होने के कुछ घंटे बाद दिल्ली के फ़ायर चीफ़ अतुल गर्ग का बयान आया है कि उन्होंने PTI से यह नहीं कहा कि जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर कोई नक़दी बरामद हुई है। चूँकि यह जानकारी हमें देर से मिली, हम डिस्क्रिप्शन बॉक्स में अपने दर्शकों को यह सूचना दे रहे हैं। 21 फ़रवरी की सुबह से चल रही ख़बरों में रिपोर्ट किया गया कि अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर लगी आग बुझाने के दौरान ‘भारी मात्रा में’ नक़दी बरामद हुई, जिसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। अतुल गर्ग के बयान के बाद यह मामला और भी पेचीदा हो गया है। अगर कैश की बरामदगी नहीं हुई है तो क्या जस्टिस यशवंत वर्मा के तबादले और सुप्रीम कोर्ट की आंतरिक जाँच से जुड़ीं ख़बरों को लेकर सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए?
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर भारी मात्रा में कैश बरामदगी की घटना सामने आई है। 14 मार्च की इस घटना को अब सप्ताह होने को आए फिर भी कैश की कोई तस्वीर मीडिया में नहीं है। कितना कैश था, इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है। अगर करोड़ों रुपये में कैश था तो इतना कैश कौन लेकर आया, इसकी जानकारी नहीं। जज के तबादले से लेकर जांच की बात ही हो रही है। सवाल है कि एक जज के कमरे में भारी मात्रा में कैश मिलता है, इसकी तस्वीर कहाँ हैं, क्यों नहीं सबके सामने है? इसकी जवाबदेही सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम की है। आप वीडियो देखिएगा।
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